नई दिल्ली, 09 सितंबर । उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान के करौली स्थिति श्री महावीर जी मंदिर के प्रबंधन और अधिकारों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश दिया।
कोर्ट ने श्वेतांबर और दिगंबर दोनों पक्षों को अगले आठ दिनों के अंदर अपनी-अपनी लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि आप उस महान संत और भगवान को क्यों परेशान कर रहे हैं जिन्होंने इस धरती को शांति का संदेश दिया। क्या आपको लगता है कि इस बेवजह की मुकदमेबाजी और आपसी लड़ाई से भगवान महावीर प्रसन्न हो रहे होंगे। क्या आप उम्मीद करते हैं कि सुबह श्वेतांबर संप्रदाय अपने तरीके से पूजा-अर्चना करे और शाम को दिगंबर संप्रदाय भगवान के वस्त्र बदलकर अपने तरीके से अनुष्ठान करे।
कोर्ट ने कहा कि धर्म और धार्मिक भावनाएं बेहद संवेदनशील विषय हैं इसलिए दोनों पक्षों को इस मुकदमेबाजी को यहां रोक देना चाहिए। कोर्ट ने राजस्थान के प्रसिद्ध श्री महावीर जैन मंदिर के प्रबंधन को लेकर श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदाय के बीच बरसों से चले आ रहे विवाद पर ये भावुक टिप्पणी की।
