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पौड़ी गढ़वाल, 30 जून । जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने विकास भवन सभागार में गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी जनपदों में संचालित जलागम परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा की।

बैठक में उन्होंने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आजीविका संवर्द्धन तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने और स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

सचिव ने कहा कि जलागम विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि वर्षा जल संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, मृदा संरक्षण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीणों की आजीविका को सशक्त बनाना है। उन्होंने चाल-खाल, चेकडैम, कंटूर ट्रेंच, सुरक्षा दीवार, सिंचाई गूलों के निर्माण एवं मरम्मत, नौले-धारों के पुनरुद्धार, पौधरोपण, चारागाह एवं फलोद्यान विकास तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें हर हाल में समय पर पूरा किया जाए तथा आवंटित धनराशि का शीघ्र एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी यूनिट अधिकारी क्षेत्रीय कार्यों की नियमित निगरानी करें और नयी परियोजनाओं के प्रस्ताव समय से तैयार कर निदेशालय को भेजें।

बैठक में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद एक सप्ताह के भीतर नोले-धारों के पुनरुद्धार के लिए पांच-पांच विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर निदेशालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जल संकट के स्थायी समाधान और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।

उन्नत ग्राम पंचायत संसाधन नियोजन कार्यक्रम (ईजीपीआरपी) की समीक्षा के दौरान सचिव ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को अगले दो माह के भीतर स्वीकृत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की पहचान कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। बैठक में विभिन्न जनपदों में रिक्त पदों की स्थिति की भी समीक्षा की गयी।

सचिव ने निर्देश दिए कि जहां भी पद रिक्त हैं, उनके प्रस्ताव तत्काल तैयार कर निदेशालय को भेजे जाएं, ताकि परियोजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलागम परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति से अवगत कराना होगा। बैठक में उप निदेशक पौड़ी अजय कुमार सोनकर, रुद्रप्रयाग आर.पी. सिंह, उप निदेशक टिहरी सर्वेश्वर उनियाल, प्रभारी उप निदेशक उत्तरकाशी विजय घिल्डियाल, यूनिट अधिकारी मुकेश कुमार, अजय सिंह, बृजभूषण, प्रमोद काला आदि शामिल रहे।

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