प्रयागराज, 18 जुलाई । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में नवाबगंज थाने की पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी के चलते शनिवार को 19 वर्ष पुराने दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने दी।
उन्होंने बताया कि अभियोजन विभाग ने प्रभावी पैरवी की। इसके फलस्वरूप शनिवार को एफटीसी कक्ष संख्या-1, प्रयागराज की अदालत ने थाना नवाबगंज में वर्ष 2007 में दर्ज मुकदमे के अभियुक्त अतीक और नईम को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोनों दोषियों को धारा 376 आईपीसी के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा धारा 452/34 के तहत पांच-पांच वर्ष का कारावास एवं 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 342 के तहत एक-एक वर्ष का कारावास तथा धारा 504 और 506 के तहत भी एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कमिश्नरेट प्रयागराज पुलिस का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र और प्रभावी पैरवी के माध्यम से सजा दिलाना है। इस मामले में प्रभावी पैरवी एडीजीसी मृत्युंजय मिश्रा, थाना नवाबगंज के प्रभारी निरीक्षक पंकज अवस्थी, कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल सरोज गुप्ता तथा पैरोकार हेड कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार ने की, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाई जा सकी।”
