जब देश का प्रधानमंत्री किसी शहर में आता है, तो उस शहर की पूरी मशीनरी एक अलग ही मोड में आ जाती है. देहरादून में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा रहा. 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून भ्रमण से एक दिन पहले, उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा के मोर्चे पर कोई कसर नहीं छोड़ी. 13 अप्रैल की सुबह से ही पुलिस, प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां एकजुट हो गईं. संयुक्त रूप से ‘मिनट-टू-मिनट’ रिहर्सल की गई यानी कार्यक्रम का एक-एक पल पहले से जी लिया गया.

प्रोटोकॉल से लेकर यातायात व्यवस्था तक, भीड़ नियंत्रण से लेकर आपात स्थितियों तक, हर पहलू को बारीकी से परखा गया. रिहर्सल के बाद पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने पुलिस लाइन देहरादून में सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक और ब्रीफिंग की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, समन्वित और पूरी तरह त्रुटिरहित होनी चाहिए. ड्यूटी पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

3000 से अधिक जवान, हर कोने पर पैनी नज़र

इस कार्यक्रम की सुरक्षा में 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. हर जवान को उसकी ड्यूटी की पूर्व ब्रीफिंग देने के निर्देश दिए गए. टर्नआउट उच्चस्तरीय हो और हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह समझे, यह सुनिश्चित किया गया. वीवीआईपी रूट के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम से पहले पूरे मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया जाए. रास्ते में कोई निर्माण सामग्री, कोई अवरोध या संदिग्ध वस्तु न हो,  यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मानव श्रृंखला में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूर्व सत्यापन भी जरूरी किया गया. बिना जांच के किसी को भी इन कार्यक्रमों में शामिल होने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

हर प्रवेश बिंदु पर HHMD और DFMD की दोहरी जाँच

कार्यक्रम स्थल पर आम जनता के प्रवेश के लिए निर्धारित सभी बिंदुओं पर हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की व्यवस्था की गई. कोई भी अनधिकृत वस्तु अंदर न जाए — इस पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए. साथ ही यह भी तय किया गया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ की निकासी व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से हो.

सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचे भवनों और जल टंकियों जैसे संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड टीमों द्वारा गहन जांच कराई गई. जहां ज़रूरत महसूस हुई, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया.

वरिष्ठ अधिकारियों की पूरी फौज रही मौजूद

इस अहम ब्रीफिंग में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं प्रधानाचार्य पीटीसी यशवंत चौहान सहित समस्त जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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