नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। सात सितंबर का दिन आते ही वर्ष 2013 की घटनाओं की यादें एक बार फिर मुजफ्फरनगर के माहौल में चर्चा का विषय बन गईं। सोमवार को शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल प्रकाश चौक से रोडवेज बस अड्डे के बीच अचानक लगाए गए तीन बड़े होर्डिंगों ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देखते ही देखते इन होर्डिंगों की तस्वीरें और उनमें लिखे संदेश शहर में चर्चा का विषय बन गए।
इन होर्डिंगों पर वर्ष 2013 की घटनाओं से जुड़े संदेश, तस्वीरें और उस दौर में प्रकाशित समाचार पत्रों की खबरों की कटिंग प्रदर्शित की गई थीं। एक होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में “ना भूले हैं, ना भूलेंगे” जैसे शब्द लिखे दिखाई दिए। पुराने घटनाक्रम को तस्वीरों और समाचार कटिंग के माध्यम से सामने रखे जाने के कारण वहां से गुजरने वाले लोग कुछ पल रुककर होर्डिंगों को देखते नजर आए।
अखिलेश यादव की तस्वीर ने सबसे ज्यादा खींचा ध्यान
तीनों होर्डिंगों में सबसे अधिक चर्चा उस पोस्टर की रही, जिसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर दिखाई गई थी। तस्वीर में अखिलेश यादव सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि उनके सामने महिला कलाकारों को नृत्य करते हुए दर्शाया गया है। व्यस्त मार्ग पर इस तरह की तस्वीर वाला होर्डिंग लगाए जाने से राहगीरों की निगाहें उस पर टिक गईं।
पुरानी घटनाओं की तस्वीरों ने फिर जगाई बहस
होर्डिंगों पर 2013 से संबंधित समाचारों की कटिंग और तस्वीरें प्रदर्शित किए जाने से शहर में पुराने घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा में रहा कि आखिर इन होर्डिंगों को किस उद्देश्य से और किसके द्वारा लगाया गया है। प्रकाश चौक से रोडवेज तक लगे इन पोस्टरों ने सोमवार को शहर की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को एक बार फिर 2013 के घटनाक्रम की ओर मोड़ दिया। हालांकि होर्डिंग की जानकारी पुलिस तक पहुंचते ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने मामले में बिना देरी किए कार्रवाई की और होर्डिंग उतरवा दिए। व्यस्त मार्ग पर लगे इन होर्डिंग को पुलिस की मौजूदगी में हटाया गया, जिसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद अब चर्चा इस बात को लेकर भी है कि आखिर ये होर्डिंग किसने लगवाए थे और इन्हें लगाने का उद्देश्य क्या था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर होर्डिंग लगाने वाले व्यक्ति या संस्था की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
