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नई दिल्ली, 30 सितंबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में डर, आतंक और अत्याचार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि वह अपनी इच्छा और सुविधा के अनुसार बिना किसी भय के कहीं भी आ जा सके। यह बातें उन्होंने बुधवार को मैत्रेयी कॉलेज की हीरक जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम “परंपरा से प्रगति” को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज एक महिला के रूप में, एक मां के रूप में और एक मुख्यमंत्री के रूप में भी यहां बैठी हुई मेरी सभी बेटियों से कहना चाहती हूं। आपकी हर आवाज में, आपके हर साहस में, आपकी हर जरूरत में और आपकी सुरक्षा की हर स्थिति में मैं आपके साथ हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी लड़ाई लड़नी होगी, कुछ भी लेकर आना होगा, कोई भी व्यवस्था करनी होगी, मैं आपकी आवाज को बुलंद करते हुए इस शहर में उस व्यवस्था को लाने के लिए हर संभव काम करके दूंगी। मुझे खुशी है कि आप देश की बेटियां चुप नहीं रहतीं। आवाज उठाती हैं और ये आवाज कभी दबनी भी नहीं चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तुमको ये नहीं करना चाहिए और तुमको ये करना चाहिए। तुम ऐसा कपड़ा पहनो, तुम वैसा करो, ये मत करो, वो मत करो। सब कुछ लड़कियों के लिए क्यों भाई ? इतनी सारी पाबंदियां, इतनी सारी समझदारी, इतनी सारी सीमाएं, सब कुछ लड़कियों के लिए और लड़कों के लिए क्या ? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने 2014 में, जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तो लाल किले से अपनी बात रखते हुए कहा था कि भाई, लड़कियों को समझाते रहते हो, लड़कों को कब समझाओगे? ये परिवार और समाज की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम अपनी बेटी को क्या करें और क्या न करें, तो बेटों को भी क्या करें और क्या न करें समझना चाहिए। इस बात में कोई समझौता नहीं कर चाहिए। उन्होंने कहा लड़कियों के साथ गलत करने पर किसी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

By editor

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