पायलट बाबा की मौत के बाद संपत्तियों को हड़पने के मामले में नया मोड़

नैनीताल, 18 मई (हि.स.)। महायोगी पायलट बाबा की मौत और संपत्तियों के साथ धोखाधड़ी व कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से उनके नाम पर कॉलेज खोलने के प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय ने थाना तल्लीताल से इस मामले में अभी तक की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट तलब की थी, जिसके तहत पुलिस ने संबंधित विवरण न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। प्रगति रिपोर्ट में एमपीबी नर्सिंग कॉलेज गेठिया के अध्यक्ष मनोज कुमार को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है, जबकि मुख्य आरोपित मनोज कुमार का नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस की प्रगति रिपोर्ट में एमपीबी नर्सिंग कॉलेज गेठिया के अध्यक्ष मनोज कुमार को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। साथ ही अमर अनिल सिंह, चंद्रकला पांडे, चेतना, मुकेश कुमार सिंह, जेबी शेरावत, अजय कुमार सिंह व जयप्रकाश के विरुद्ध भी विवेचना चल रही है। इन पर महायोग फाउंडेशन के कूट रचित दस्तावेज तैयार कर गेठिया में पायलट बाबा के नाम पर पैरा मेडिकल कॉलेज खोलने, फर्जी वसीयत बनाकर उनकी निजी व फाउंडेशन की चल-अचल संपत्तियां हड़पने, बैंकों में खाता खुलवाने व स्वयं को संस्था का अध्यक्ष घोषित करने जैसे गंभीर आरोप हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिये 19 मई 2025 की तिथि नियत की गयी है।

पायलट बाबा के उपचार में लापरवाही तथा षड्यंत्रपूर्वक चिकित्सक की सलाह की अनदेखी किए जाने के आरोप

इस बीच बाबा के इलाज से संबंधित दो चिकित्सकीय रिपोर्टें भी सामने आई हैं, जो यूके नर्सिंग होम दिल्ली व शारदा मेडिकल यूनिवर्सिटी नोएडा से जुड़ी हैं। इन रिपोर्टों में चिकित्सकीय लापरवाही तथा षड्यंत्रपूर्वक चिकित्सक की सलाह की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिनके कारण पायलट बाबा की मृत्यु होने का दावा किया गया है।

आरोपित विद्यालय में अभी भी हो रहे हैं विद्यार्थियों के प्रवेश

उल्लेखनीय है कि थाना तल्लीताल में पायलट बाबा के शिष्य मंगल गिरी महाराज द्वारा 28 जनवरी 2025 को दर्ज कराए गए अभियोग में इन आरोपों की विवेचना जारी है। किंतु अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से शिष्यों व साधु-संतों में रोष व्याप्त है। साथ ही जिस कॉलेज की मान्यता फर्जी आधारों पर ली गई थी, उसमें अब भी प्रवेश कराए जा रहे हैं, जिससे कई लोग गुमराह हो रहे हैं।

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