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काठमांडू, 16 अप्रैल । जिला अदालत काठमांडू में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक के खिलाफ हत्या से जुड़े मामले की जांच के लिए पुलिस को चार बिंदुओं वाला कार्यादेश दिया है।

जिला सरकारी वकील कार्यालय के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के आदेश पर ओली और लेखक पिछले एक हफ्ते से हाजिरी जमानत पर बाहर हैं। हालांकि उनके खिलाफ जांच की प्रक्रिया अभी भी चल रही है। दोनों को जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने उपस्थित होने और जांच में सहयोग करने की शर्त पर रिहा किया गया है। इनकी रिहाई के बावजूद मामले की जांच न रोकने के लिए सरकारी वकील कार्यालय ने पुलिस को चार निर्देश दिए हैं।

पहले निर्देश में कहा गया है कि 8 सितंबर 2025 को जेन जी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं में मारे गए सभी व्यक्तियों के पोस्टमार्टम संबंधित दस्तावेज संलग्न किए जाएं। इसके अलावा, 8 सितंबर 2025 की घटना के प्रत्यक्षदर्शियों की पहचान कर उनके बयान दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया है।

तीसरे बिंदु में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में शामिल करने को कहा गया है। इस दौरान अगर नए तथ्य आते हैं तो आरोपितों के अतिरिक्त बयान लेने का निर्देश दिया गया है। ओली और लेखक की रिहाई पूरक बयान के लिए उपस्थित होने की शर्त पर की गई है।

जिला प्रहरी परिसर काठमांडू के प्रवक्ता एसपी पवन कुमार भट्टराई के अनुसार, अदालत और सरकारी वकील कार्यालय के निर्देशों के अनुसार दोनों की रिहाई के बावजूद मामले की जांच जारी है। ओली और लेखक का प्रारंभिक बयान दर्ज किया जा चुका है। लेखक का बयान जिला सरकारी वकील कार्यालय काठमांडू में लिया गया, जबकि ओली का बयान अस्पताल में ही पुलिस और सरकारी वकील द्वारा दर्ज किया गया। स्वास्थ्य समस्या के कारण ओली गिरफ्तारी के दिन से ही शिक्षण अस्पताल में भर्ती हैं और रिहाई के बाद भी वहीं उपचाररत हैं।

By editor

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