नीरज प्रजापति

सातवीं बार बदला राजनीतिक ठिकाना, 35 साल के सियासी सफर में फिर बदला दल, अखिलेश यादव की पार्टी में वापसी से पश्चिमी यूपी के राजनीतिक गलियारों में हलचल; मीरापुर सीट पर दावेदारी की चर्चाओं ने बढ़ाया सियासी पारा।

मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व सांसद राजपाल सैनी के एक बार फिर पाला बदलने से सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ छोड़कर राजपाल सैनी शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। करीब 35 वर्षों के राजनीतिक सफर में उनका यह सातवां दल परिवर्तन बताया जा रहा है। उनकी सपा में वापसी को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में नए राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर मीरापुर विधानसभा सीट को लेकर उनकी संभावित दावेदारी की चर्चाओं ने इस घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, सपा में उनकी भूमिका और आगामी चुनाव में टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

जनता दल से शुरू हुआ सफर, अब फिर सपा के दरबार में वापसी

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के गांव लुहसाना निवासी राजपाल सैनी ने राजनीति में आने से पहले ऊर्जा निगम के हाइडिल विभाग में नौकरी की थी। वर्ष 1990 के दशक में उन्होंने जनता दल से राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी से जुड़े और मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिने जाने लगे। सपा में उन्होंने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
बाद में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी का रुख किया। बसपा के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे और प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभाई। अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ उनका सफर जारी रहा और अब एक बार फिर उन्होंने सपा में वापसी कर ली है।

बसपा, सपा, रालोद और भाजपा तक पहुंचा सियासी सफर

राजपाल सैनी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। बसपा में रहते हुए उन्होंने राज्यसभा सदस्य और मंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बसपा छोड़कर सपा का दामन थामा। बाद में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के टिकट पर खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा प्रत्याशी विक्रम सैनी के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजपाल सैनी भाजपा में शामिल हो गए थे। अब भाजपा छोड़कर सपा में उनकी वापसी ने एक बार फिर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

मीरापुर सीट पर नजरें, टिकट को लेकर अटकलें तेज

राजपाल सैनी की सपा में वापसी के साथ ही मीरापुर विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उन्हें इस सीट से संभावित दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार के चयन का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा और फिलहाल टिकट को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सियासी समीकरणों पर पड़ेगा क्या असर?

राजपाल सैनी की वापसी का असर कितना व्यापक होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। उनके समर्थकों की सक्रियता, पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और संभावित चुनावी जिम्मेदारी पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। फिलहाल इतना तय है कि भाजपा छोड़कर सपा में लौटने के उनके फैसले ने मुजफ्फरनगर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

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