नीरज प्रजापति
सोनीपत में नौकरी करने वाले राधेश्याम के घर को बनाया निशाना, पौने तीन लाख की नकदी और 15 लाख के जेवरात चोरी, रसोई में गैस सिलेंडर खुला छोड़कर फरार हुए चोर, फोरेंसिक टीम के साथ जांच में जुटी पुलिस।
मुजफ्फरनगर। जनपद में शातिर चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव जड़ौदा में हुई बड़ी चोरी की वारदात से लगाया जा सकता है। बंद मकान को निशाना बनाकर चोरों ने करीब 16 से 17 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। मकान से लगभग पौने तीन लाख रुपये की नकदी, करीब 15 लाख रुपये के सोने के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी होने का दावा किया गया है। वारदात के दौरान घर का सामान बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि चोर रसोई में गैस सिलेंडर का वाल्व खुला छोड़कर चले गए। सुबह गैस की बदबू फैलने पर पड़ोसियों को घटना का पता चला। इस वारदात ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिवार रिश्तेदारी में गया, पीछे से खाली मकान पर टूट पड़े चोर
जानकारी के अनुसार, गांव जड़ौदा निवासी राधेश्याम पुत्र झगडू अपने बेटे के साथ सोनीपत में लोहे के एंगल बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहते हैं। बताया गया कि दो-तीन दिन पहले राधेश्याम गांव आए थे और अपने साथ नकदी लेकर पहुंचे थे। यह रकम उन्होंने घर में रख दी थी। बताया गया कि गत दिवस परिवार के सभी सदस्य एक साथ रिश्तेदारी में गए हुए थे। मकान पर ताला लगा था और घर खाली पड़ा था। इसी मौके का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने मकान को निशाना बना लिया। चोर घर में घुसे और अलमारियों तथा अन्य सामान को खंगालते हुए नकदी, जेवरात और कीमती सामान समेट ले गए।

गैस की बदबू ने खोला चोरी का राज, दहशत में आए पड़ोसी
वारदात का खुलासा भी बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम में हुआ। सुबह के समय घर से गैस की तेज बदबू फैलने लगी। रसोई में रखा सिलेंडर खुला होने की जानकारी सामने आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने घर जाकर देखा तो मकान के भीतर सामान बिखरा पड़ा था और चोरी की घटना का पता चला।
गैस सिलेंडर खुला छोड़ने की घटना ने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी। इससे संभावित हादसे का खतरा भी पैदा हो सकता था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि सिलेंडर जानबूझकर किसी खास मंशा से खुला छोड़ा गया था या नहीं।
16 से 17 लाख की चोरी, परिवार के पैरों तले खिसकी जमीन
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार में अफरा-तफरी मच गई। राधेश्याम के छोटे भाई ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें दी। चोरी की खबर सुनते ही राधेश्याम और उनका परिवार आनन-फानन में गांव पहुंचा। मकान की हालत देखकर परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए। मकान मालिक राधेश्याम के अनुसार, चोर करीब पौने तीन लाख रुपये की नकदी, लगभग 15 लाख रुपये के सोने के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। उन्होंने कुल नुकसान करीब 16 से 17 लाख रुपये बताया है। चोरी की वास्तविक कीमत और सामान का पूरा विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस की गश्त पर सवाल, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना पर थाना मंसूरपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। चोरों तक पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बंद मकान में इतनी बड़ी चोरी की वारदात ने ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के मन में सवाल है कि आखिर चोर बेखौफ होकर घरों को निशाना कैसे बना रहे हैं और ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा? हालांकि, पुलिस की लापरवाही या गश्त में कमी की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती। थाना मंसूरपुर के थानाध्यक्ष ने घटना को प्राथमिकता से लेते हुए जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है। अब पुलिस के सामने चुनौती है कि चोरों का सुराग लगाकर चोरी गई संपत्ति बरामद की जाए और ग्रामीणों का भरोसा बहाल किया जाए।
