मनीष अग्रवाल
सहारनपुर । एमएसयू की कुलपति प्रो. विमला वाई. एवं शैक्षणिक समन्वयक विनोद कुमार के मार्गदर्शन में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइकोलॉजी द्वारा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्महत्या से संबंधित भ्रांतियों को दूर करना, आत्महत्या की रोकथाम के उपायों तथा आत्महत्या-निरोधी मनोवैज्ञानिक प्रयासों के विभिन्न आयामों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रवक्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने आत्महत्या के मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए युवाओं की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने, उनसे संवाद स्थापित करने तथा कठिन परिस्थितियों में समय पर सहयोग एवं उचित सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘वॉल ऑफ होप’ गतिविधि का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों से जीवन के महत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सकारात्मक एवं आशावादी संदेश साझा करने का आह्वान किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और जीवन में आशा का महत्व समझाने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में स्कूल ऑफ साइकोलॉजी द्वारा प्रत्येक माह की 10 तारीख को ‘मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक सहायता’ कार्यक्रम के अंतर्गत संवाद एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के साथ डॉ. विजय प्रताप, डॉ. प्रतिभा चौहान, सुलभ, सुश्री आस्था जोशी, सुश्री रोशनी मोदी, सुश्री कोमल त्यागी एवं अभिषेक सहित विभिन्न विभागों के प्रवक्ता उपस्थित रहे।
