नीरज प्रजापति

लाइब्रेरी से लौट रहे दो भाइयों पर जानलेवा फायरिंग के मामले में दर्ज हुआ था मुकदमा।

परिजनों का दावा-जयकुमार को हिरासत में लिया था, पुलिस के अनुसार घटना के बाद से ही फरार है आरोपी।

मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव कुटबा में दो भाइयों पर फायरिंग के मामले में नामजद आरोपी जयकुमार उर्फ कुक्कू को लेकर नया विवाद सामने आया है। आरोपी के थाने से चले जाने की जानकारी मिलने पर उसके परिजन शाहपुर थाने पहुंच गए और युवक के बारे में जानकारी मांगते हुए हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने जयकुमार को हिरासत में लिया था, लेकिन जब वे उससे मिलने थाने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वह रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात थाने से चला गया है। इस जानकारी से नाराज परिजनों ने युवक के बारे में स्पष्ट जवाब मांगा। दूसरी ओर, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह की ओर से दिए गए पुलिस के आधिकारिक बयान में बताया गया कि फायरिंग की घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। दोनों पक्षों के बयानों में सामने आए अंतर के बाद अब इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि आरोपी की वास्तविक स्थिति क्या है और वह किन परिस्थितियों में थाने से जाने की बात सामने आई। मामले की शुरुआत 21 अक्टूबर 2026 की रात गांव कुटबा में हुई फायरिंग की घटना से हुई थी। गांव निवासी चंचल कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वह अपने छोटे भाई आयुष के साथ गांव की लाइब्रेरी से पढ़कर घर लौट रहा था। रात करीब नौ बजे जब दोनों भाई लाइब्रेरी के गेट पर पहुंचे, तभी गांव के ही जयकुमार उर्फ कुक्कू ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उन पर फायरिंग कर दी। दोनों भाई गोली लगने से बच गए। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात डायल-112 के माध्यम से थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव कुटबा में फायरिंग होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद शाहपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में गांव निवासी जयकुमार उर्फ कुक्कू पुत्र रामधन का नाम सामने आया। पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, चंचल कुमार पुत्र पवन सिंह पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने का आरोप था। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। घटना के बाद पुलिस की ओर से आरोपी के मौके से फरार होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश को लेकर चर्चा बनी हुई थी। सोमवार सुबह जयकुमार उर्फ कुक्कू के परिजन और गांव के कुछ लोग शाहपुर थाने पहुंचे। इनमें उसके भाई रामकुमार और कृष्णपाल के साथ परिवार की कई महिलाएं भी शामिल थीं। परिजनों ने पुलिस से जयकुमार के बारे में जानकारी देने और उससे बातचीत कराने की मांग की। परिजनों का कहना था कि जयकुमार पुलिस की हिरासत में था। इसके बावजूद जब वे उससे मिलने थाने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वह रात में थाने से चला गया है। इस पर परिजनों ने सवाल उठाए और युवक के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी। परिजनों की नाराजगी के चलते थाने पर काफी देर तक बातचीत होती रही। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद परिजन दोपहर बाद गांव लौट गए। हालांकि, थाने से युवक के चले जाने की बात सामने आने के बाद गांव और क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल परिजनों के दावे को लेकर है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने जयकुमार को हिरासत में लिया था। ऐसे में यदि वह पुलिस की हिरासत में था तो उसके थाने से जाने की परिस्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए। वहीं, पुलिस के आधिकारिक बयान में आरोपी को फायरिंग की घटना के बाद मौके से फरार बताया गया है। उपलब्ध बयान में आरोपी को हिरासत में लिए जाने और बाद में थाने से चले जाने की परिस्थितियों का विस्तृत उल्लेख नहीं है। इसी वजह से मामले में दोनों पक्षों की बातों के बीच अंतर सामने आया है। हालांकि, केवल परिजनों के दावे के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आरोपी पुलिस हिरासत में था या थाने से किस तरह गया। इस संबंध में पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने प्रकरण के संबंध में बताया कि 21 अक्टूबर को डायल-112 के माध्यम से गांव कुटबा में फायरिंग की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही थाना शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में जयकुमार उर्फ कुक्कू पर चंचल कुमार को जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप सामने आया। क्षेत्राधिकारी के अनुसार, घटना में कोई जनहानि या चोट लगने की सूचना नहीं थी। वादी की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के बयान में आरोपी को घटना के बाद मौके से फरार बताया गया। हालांकि, परिजनों के थाने पहुंचने और युवक के रात में थाने से चले जाने की बात सामने आने के बाद उठे सवालों पर पुलिस की ओर से विस्तृत स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। गांव कुटबा में लाइब्रेरी से घर लौट रहे दो भाइयों पर फायरिंग की घटना पहले ही गंभीर मामला बनी हुई थी। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। अब नामजद आरोपी के थाने से चले जाने की जानकारी मिलने पर उसके परिजनों के हंगामे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल, इस प्रकरण में दो बातें प्रमुख हैं। पहली, चंचल कुमार की तहरीर पर दर्ज फायरिंग के मुकदमे में पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश। दूसरी, परिजनों के उस दावे की स्थिति, जिसमें उन्होंने जयकुमार को हिरासत में लिए जाने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम पर क्या विस्तृत जानकारी देती है और आरोपी की वर्तमान स्थिति के बारे में क्या स्पष्ट किया जाता है। फिलहाल, फायरिंग के मामले में दर्ज मुकदमे की कार्रवाई जारी है और थाने से युवक के जाने की परिस्थितियां स्पष्ट होने का इंतजार है।

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