नीरज प्रजापति
अखिलेश यादव पर रावण रूपी टिप्पणी और राहुल गांधी को विदेशी रक्त से जोड़ने के बयान पर गौरव जैन का पलटवार, बोले- भाजपा को अभी से दिखने लगी है अपनी विदाई।
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की सियासत में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के एक बयान ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रावण रूपी बताने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विदेशी रक्त से जुड़ा बताने संबंधी टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बयान को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गौरव जैन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गौरव जैन ने कहा कि भाजपा नेताओं को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार का डर अभी से सताने लगा है। यही वजह है कि विकास, रोजगार, महंगाई और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब सत्ता पक्ष के नेताओं को जनता के सवालों का जवाब नहीं सूझता तो वे राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाकर माहौल को भटकाने का प्रयास करते हैं। सपा नेता ने कहा कि भाजपा की राजनीति का आधार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर समाज और राजनीतिक दलों के बीच टकराव पैदा करना बनता जा रहा है। देश का लोकतंत्र स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से मजबूत होता है, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक भाषा से। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता में बैठे नेताओं को जनता ने इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करने के लिए चुना है। गौरव जैन ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है। लोकतंत्र में विचारधाराओं का विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच एक स्पष्ट अंतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता की पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी करना भी राजनीतिक बहस के स्तर को गिराने वाला है। उन्होंने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को अपमानित करने के बजाय जनता के बीच अपने काम का हिसाब देना चाहिए। चुनाव में जनता ही तय करेगी कि किसकी राजनीति स्वीकार्य है और किसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना है। राज्यमंत्री के बयान के बाद जिस तरह विपक्षी खेमे में नाराजगी बढ़ रही है, उससे मुजफ्फरनगर की राजनीति में भी बयानबाजी का नया दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
