ipo-price-band-lohia-corp

नई दिल्ली, 20 जुलाई । टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मशीनरी और सहायक उपकरण बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके साइज की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 404 रुपये से लेकर 425 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 35 शेयर का है। इस इश्यू का साइज 1,102.08 करोड़ रुपये का है।

लोहिया कॉर्प का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। निवेशक इसमें 27 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद 28 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 जुलाई को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 35 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,875 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,375 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 455 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,59,31,407 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए इक्वीरस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 117.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 193.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 1,386.47 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 1,737.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी गिरावट आई। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर 212.16 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में घट कर 152.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो वित्त वर्ष 2024-25 में ये 358.14 करोड़ रुपये स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 519.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2024-25 में 228.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 339.45 करोड़ रुपये हो गया।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights