हिन्दू संस्कृति में प्रकृति को सम्मान देने की परंपरा : गुणवंत सिंह कोठारी

-2040 तक हिन्दू संस्कृति एवं परम्पराएं पूरे विश्व के लिए सर्वाग्रही होंगी

लखनऊ, 08 मई (हि.स.)। हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि विश्व में भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जहां के हिन्दू समाज व संस्कृति में प्रकृति को सम्मान देने की परंपरा है। मेरा मानना है कि 2040 तक भारत की संस्कृति समाज और परम्पराएं एवं नैतिक मूल्य फिर से पूरे विश्व के लिए आदर और सर्वाग्रही होंगे। इससे पूर्व हमें अपने समाज संस्कृति नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान देना होगा। वह हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान की ओर से बीबीडी बैडमिंटन एकेडमी गोमती नगर में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

काेठारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं परम्परा के मूल्यों पर परिवार खरा उतरे, परिवार में ऐसा वातावरण बने जिससे आने वाली पीढ़ियों को अपने हिन्दू संस्कृति, समाज और परंपरा से जोड़ रखे। बच्चे परिवार के परिवेश में रहकर नैतिकता कर्तव्य बोध और उत्तरदायित्व सीखते हैं। नैतिकता कर्तव्य बोध और उत्तरदायित्व का वहन कैसे करना है, वह परिवार के परिवेश में ही सीख पाता है। गाय व कुत्ता को रोटी देना है। प्रतिदिन पौधे को जल देना है। यह जब नौनिहाल परिवार में प्रतिदिन देखता है, उसे तब ज्ञान होता है कि मुझे भी यह करना है। यह मेरा कर्तव्य, उत्तरदायित्व है।

गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि युवाओं को समझना होगा कि भारत की संस्कृति, समाज और परंपराएं और उसके मूल्य क्या हैं ? हमारे यहां गौरवमयी पूर्वजों का इतिहास रहा है जिसमें से 1200 वर्षों से हमारे पूर्वजों ने जो बलिदान दिया फिर भी वह अपने परिवार से अपने संस्कृति को मिटने नहीं दिया है। इस बात का ज्ञान और भान हमारी युवा पीढ़ी को होना चाहिए।

हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक अमरनाथ ने बताया कि लखनऊ महानगर में दिसंबर 2025 में भव्य हिन्दू सेवा मेला का आयोजन होगा। इस मेले में सेवा कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। उन्होंने कहा कि हिन्दू मंदिरों की ओर से जन कल्याण के लिए अनेक प्रकार के सेवा प्रकल्प चलते हैं लेकिन उनकी जानकारी नहीं है।

बैठक में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, एमएलसी पवन सिंह चौहान, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एस.पी.सिंह, विशेष सम्पर्क प्रमुख प्रशान्त भाटिया, चिन्मय मिशन के कौशिक चैतन्य ब्रह्मचारी, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के प्रान्त संयोजक डाॅ. प्रमोद शुक्ला, सह संयोजक एस.एस.गगन, बाल आयोग के सदस्य श्याम त्रिपाठी व डाॅ. सत्येन्द्र त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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