हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। 1 अक्तूबर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले 2780 पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) नहीं होगा।

मुख्य सचिव के अनुसार, वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए आवश्यक 45 सीएएक्यूएमएस स्टेशनों में से 22 पहले ही शुरू हो चुके हैं। शेष स्टेशनों को 15 जून तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 30 सितंबर तक सभी स्टेशन पूरी तरह संचालित हो जाएंगे। सरकार ने एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। परिवहन विभाग ने प्रतिदिन 100 पुराने वाहनों को जब्त करने का लक्ष्य तय किया है। जनवरी से अप्रैल के बीच बड़ी संख्या में पुराने वाहनों को जब्त या स्क्रैप किया जा चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि हरियाणा सरकार ने डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों को शामिल करते हुए वाहन एग्रीगेटर नीति भी अधिसूचित कर दी है। इसके लिए पंजीकरण और संचालन संबंधी वेब पोर्टल भी तैयार किया गया है।

उद्योगों की निगरानी के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) से जुड़े 1,349 प्रदूषणकारी उद्योगों में से 1,286 इकाइयों की निगरानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शुरू कर दी गई है। इसके अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत 2,953 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1,164.31 किलोमीटर सड़कों का निर्माण भी किया गया है।

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