नीरज प्रजापति
मोतियाबिंद मरीजों को उपचार हेतु देहरादून किया रवाना,
अमूल्य जीवन सेवा ट्रस्ट और स्वामी विवेकानंद नेत्रालय की पहल, सैकड़ों लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
जरूरतमंद एवं इच्छुक व्यक्ति योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और लाभ लेने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
योगेंद्र कुमार प्रजापति 9761870394,7906731646
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत भोपा रोड स्थित गांव जट मुझेडा में अमूल्य जीवन सेवा ट्रस्ट एवं स्वामी विवेकानंद नेत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।
नेत्र विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच के दौरान कई मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या चिन्हित की गई। ऐसे सभी मरीजों के लिए निशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें बस के माध्यम से देहरादून स्थित स्वामी विवेकानंद नेत्रालय भेजा गया, जहां उनके ऑपरेशन से लेकर उपचार तक की संपूर्ण व्यवस्था मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जहां महंगे उपचार की चिंता सताती है, वहीं ऐसे शिविर उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुलभ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि आर्थिक अभाव किसी के इलाज में बाधा न बन सके। संस्था द्वारा भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
दिव्यांगों को मिलेगी बैटरी चालित रिक्शा की सुविधा
शिविर के दौरान दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही विशेष सहायता योजना की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पात्र एवं जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों को बैटरी से चलने वाली रिक्शा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
इस अवसर पर डॉ शेखर पल्लव,पीयूष भारती,अनिल राणा व डॉ. योगेंद्र प्रजापति सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
