जोनी शर्मा
मुजफ्फरनगर। अज्ञान के अंधकार को भेदकर ज्ञान की अमर ज्योति प्रज्वलित करने वाली महान भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का पावन पर्व ‘गुरु पूर्णिमा’ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धार्मिक संस्थान विष्णुलोक में पूर्ण वैदिक गरिमा, भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। शास्त्र साक्षी हैं कि गुरु केवल एक व्यक्ती नहीं, बल्कि वह सनातन चेतना हैं जो शिष्य के जीवन को रूपांतरित कर देती है।
युगपुरोहित पंडित सोमेश्वर दत्त शर्मा के द्वारा गूंजते वेद मंत्रों और ऋचाओं के अलौकिक स्वर के बीच महर्षि वेदव्यास जी एवं जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी का षोडशोपचार विधि से भव्य पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। पूजन के दौरान संपूर्ण विष्णुलोक एक अप्रतिम दैवीय ऊर्जा और असीम शांति से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर सांध्य दैनिक चिंगारी के संपादक डॉ सूर्यमणि रघुवंशी,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, व्यापारी एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राहुल वर्मा, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन शमशाद अंसारी , वरिष्ठ पत्रकार संजीव शर्मा, नवीन गर्ग , नरेंद्र मारवाड़ी , सुनील भारद्वाज , डीसीपीएम पूनम रानी , एडवोकेट अजय अग्रवाल , रमेश चन्द माहेश्वरी, नीरज शर्मा, सुषमा शर्मा, सीमा वत्स , नीता अग्रवाल , वंदना त्यागी,विकल त्यागी, विकास पंकज , शिक्षाविद अर्चना चौधरी , वरिश चौधरी, श्रेया गौड़, स्कंधा शर्मा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा जी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र पंडित अभिलाष शर्मा ने सभी अतिथि गणों एवं श्रद्धालुओं का तिलक वंदन कर एवं उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मान किया।
समारोह के दौरान विष्णुलोक पधारे सभी साधकों एवं प्रबुद्ध जनों ने पूज्य ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा जी की पावन स्मृतियों को नमन किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि परम श्रद्धेय पंडित जी द्वारा स्थापित की गई गुरु-पूजा की यह पवित्र परिपाटी आज भी उतनी ही जीवंत है। उनका सूक्ष्म संरक्षण और वात्सल्यमयी आशीर्वाद आज भी विष्णुलोक के कण-कण में विद्यमान महसूस होता है।
अंत में ज्योतिषविद सीमा शर्मा ने महर्षि वेदव्यास जी एवं आदि गुरु शंकराचार्य जी की आरती कर समारोह का समापन किया।
