नीरज प्रजापति
छपार में दुकान पर बैठे युवक पर अचानक हमला करने का आरोप, पीड़ित परिवार ने पुलिस की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल; समझौते का दबाव बनाने का लगाया आरोप।
मुजफ्फरनगर। जनपद में मारपीट और दबंगई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। छपार थाना क्षेत्र के गांव छपार में दुकान पर बैठे एक युवक पर कथित रूप से हमला कर उसका सिर ईंट से फोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। हमले में लहूलुहान हुए युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद जहां पीड़ित परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मामले में छपार निवासी सलीम त्यागी ने थाना छपार में शिकायत देकर बताया कि उनका पुत्र सूफियान रोजाना की तरह अपनी दुकान पर साफ-सफाई कर रहा था। इसी दौरान गांव के ही साबिर उर्फ सोनू हड्डी पुत्र इमरान और इमरान पुत्र नाजिर दुकान पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों ने बिना किसी उचित कारण के सूफियान के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया और इसी दौरान ईंट से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया गया। हमले में सूफियान गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिवार का कहना है कि घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक जिस तरह की कार्रवाई की अपेक्षा थी, वह नजर नहीं आ रही है। इस पूरे मामले में अब विवाद केवल मारपीट तक सीमित नहीं रह गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों के पक्ष में दबाव बनाने और समझौता कराने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं और उनका आपराधिक इतिहास रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। परिजनों को आशंका है कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपियों को राहत मिल सकती है और उल्टा पीड़ित पक्ष को ही परेशान किया जा सकता है। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि मामले को कमजोर करने के लिए क्रॉस केस दर्ज कराने जैसी स्थिति पैदा की जा सकती है। घटना ने कानून-व्यवस्था और थानों में पीड़ितों की सुनवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और किसी भी प्रकार के दबाव से बचाने की मांग की है।
