राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो जासूसी कैमरों के जरिए रसूखदार लोगों के निजी पलों को रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. कमल नांढा सहित 12 अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली (Extortion), आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बल्ब होल्डर में छिपी थी तीसरी नजर

शहर के एक 49 वर्षीय प्रतिष्ठित डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि डॉ. कमल नांढा (BHMS डिग्री धारक) ने उनके साधु वासवानी रोड स्थित क्लिनिक में बड़ी चालाकी से जासूसी कैमरा लगा रखा था। आरोपी ने कैमरे को एक बल्ब होल्डर के अंदर छिपाया था ताकि किसी को शक न हो। कैमरे में एक मेमोरी कार्ड लगा था जिसमें रिकॉर्डिंग सेव होती थी। डॉ. कमल मौका पाकर समय-समय पर कार्ड बदल देता था। जांच में पता चला है कि यह सिलसिला साल 2023 से चल रहा था। आरोपी के पास से अब तक 3,000 से 4,000 आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं।

ब्लैकमेलिंग का धंधा

पुलिस जांच के अनुसार डॉ. कमल ने ये निजी वीडियो कुछ स्थानीय पत्रकारों को दे दिए थे। इसके बाद यह गिरोह शिकायतकर्ता डॉक्टर और उनकी महिला मित्र को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर भारी-भरकम फिरौती (Extortion) मांग रहा था। डीसीपी क्राइम जगदीश बांगरवा ने बताया कि पुलिस ने उन पत्रकारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू की है जो इस जबरन वसूली के सिंडिकेट का हिस्सा थे। कुल 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

जान से मारने की धमकी

पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल उनकी प्राइवेसी का हनन किया बल्कि पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने आरोपी डॉ. कमल के पास से भारी मात्रा में डिजिटल डेटा जब्त किया है और अब अन्य पीड़ितों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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