देहरादून, 01 अगस्त । भारतीय सेना का डैनकुंड ट्रेकिंग अभियान-2026 शनिवार को देहरादून से रवाना हुआ। करीब 152 किलोमीटर लंबे इस अभियान के दौरान दलहौजी, खज्जियार, चंबा, मानकोट, जोत पास, डैनकुंड टॉप, कालाटॉप, चमेरा डैम, भलई, जान्ना और सलूनी क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।
गोल्डन की डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल अमरेश गुंजन ने आज क्लेमेंट टाउन स्थित सैन्य परिसर से अभियान दल को ध्वज प्रदान कर रवाना किया।
इस अवसर पर जीओसी ने अभियान दल को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय सेना की परंपराओं और अनुशासन का पालन करते हुए अभियान के सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने का आह्वान किया। 03 से 19 अगस्त तक चलने वाला यह अभियान हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के दुर्गम और खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। कैप्टन प्रतीक जाधव के नेतृत्व में 15 सदस्यीय सेना दल इस ट्रेक में शामिल हो रहा है।
सेना के अनुसार अभियान का उद्देश्य साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, सैनिकों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और नेतृत्व कौशल को परखना तथा टीम भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों से जुड़ाव को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
अभियान के दौरान सेना के जवान पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से संवाद कर उनके योगदान को सम्मान देंगे। वहीं, चंबा क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें फिटनेस, साहसिक गतिविधियों, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
सेना की ओर से बताया गया कि डैनकुंड ट्रेकिंग अभियान-2026 साहस, समर्पण, सेवा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। यह अभियान हिमालयी क्षेत्रों में सेना की प्रतिबद्धता और युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
