नीरज प्रजापति

बिजली चोरी पर बड़ा शिकंजा, सात उपभोक्ताओं पर मुकदमा, 30 किलोवाट की चोरी पकड़ी

सरवट और बझेड़ी क्षेत्र में विद्युत विभाग की सघन चेकिंग से मचा हड़कंप, चार परिसरों में मीटर से छेड़छाड़ भी मिली

मुजफ्फरनगर। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में विद्युत चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विद्युत विभाग की टीम ने बुधवार को सरवट और बझेड़ी क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी के कई मामले पकड़े। विभागीय जांच के दौरान सात उपभोक्ताओं को अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया, जबकि चार अन्य परिसरों में मीटर से छेड़छाड़ किए जाने के प्रमाण मिले। कार्रवाई के बाद बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया।
कुलदीप सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय वितरण खंड (वाणिज्य -2) मुजफ्फरनगर ने बताया कि बुधवार को शासन के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य अभियंता (वितरण), पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल), मुजफ्फरनगर क्षेत्र के मार्गदर्शन तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में विद्युत चोरी रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान में विभागीय अधिकारियों के साथ विजिलेंस टीम और प्रवर्तन दल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान चेकिंग टीम में सहायक अभियंता (रेड) अक्षय कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता दिलीप यादव, अवर अभियंता अखिलेश कुमार सरोज, विजिलेंस टीम के अमित गोस्वामी (प्रभारी प्रवर्तन दल), महिला हेड कांस्टेबल मोनिका, हेड कांस्टेबल जितेंद्र तथा कांस्टेबल सचिन, रोहित और नवीन सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। बताया गया कि टीम ने फीडर सुजड़ू, सरवट एवं बझेड़ी क्षेत्र में घरों और प्रतिष्ठानों की विद्युत आपूर्ति तथा मीटरों की गहन जांच की। जांच के दौरान सात उपभोक्ताओं द्वारा मीटर केबल में कट लगाकर (कटिया डालकर)अवैध रूप से विद्युत का उपयोग किया जाना सामने आया। इन मामलों में करीब 30 किलोवाट विद्युत भार की चोरी किए जाने का दावा किया गया। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान चार अन्य उपभोक्ताओं के परिसरों पर मीटर से छेड़छाड़ यानी मीटर टैम्पर्ड पाए गए, जिससे विभागीय टीम ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान विद्युत चोरी के मामलों को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित सात उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू करते हुए सभी सातो के विरुद्ध विद्युत चोरी निरोधक थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
कुलदीप सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय वितरण खंड (वाणिज्य-2) मुजफ्फरनगर ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग द्वारा आगे भी ऐसे क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान जारी रखा जाएगा और मीटर से छेड़छाड़, केबल काटकर बिजली चोरी करने अथवा अन्य किसी अवैध तरीके से विद्युत का उपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली का उपयोग केवल वैध कनेक्शन और अधिकृत कनेक्शन के माध्यम से ही करें।

30 करोड़ की बिजली बकाया वसूली का बड़ा लक्ष्य, 11 दिन में होगी आर-पार की कार्रवाई
सुजड़ू-शामली रोड, मिमलाना रोड, गढ़ी पचेंडा और रामपुर तिराहा में सबसे ज्यादा बकाया; बिजली चोरी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
मुजफ्फरनगर। अगस्त माह में बिजली विभाग के सामने बकाया राजस्व वसूली की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विभागीय राजस्व लक्ष्य के मुताबिक शहर क्षेत्र में उपभोक्ताओं पर करीब 30 करोड़ रुपये का विद्युत बिल बकाया है, जिसे अगस्त माह के बचे महज 11 दिनों में पूर्ण रूप से वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए अब विभागीय टीमों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही बकायेदारों पर कार्रवाई का शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। शहर में कुल 19 पावर हाउस के माध्यम से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था संचालित होती है। इनमें सुजड़ू-शामली रोड, मिमलाना रोड, गढ़ी पचेंडा और रामपुर तिराहा क्षेत्र विद्युत बिलों के बड़े बकाये और बिजली चोरी को लेकर खासे चर्चित हैं। इन क्षेत्रों में राजस्व वसूली और विद्युत चोरी रोकना विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। राजस्व लक्ष्य की समीक्षा में सामने आया कि अगस्त में विभाग को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए तेजी से वसूली करनी होगी। बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के साथ नियमानुसार कार्रवाई और बिजली चोरी के मामलों में सख्त कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना है। अब अगले 11 दिन बिजली विभाग के लिए बेहद अहम और चुनौतीपूर्ण हैं। करीब 30 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि वसूलने के लिए यदि अभियान तेज हुआ तो बकायेदार उपभोक्ताओं के साथ बिजली चोरी करने वालों में भी हड़कंप मचना तय है।

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