फर्रुखाबाद, 17 जून । जनपद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के अहिमलापुर गांव के मूल निवासी 24 वर्षीय अंकित कुमार भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। वर्षों के संघर्ष, धैर्य और लगातार प्रयासों के बाद मिली इस उपलब्धि से परिवार समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अंकित की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
अंकित कुमार ने भारतीय वायुसेना में चयन के लिए करीब 12 बार प्रयास किया। कई बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ।
अंकित ने प्रारंभिक शिक्षा फतेहगढ़ स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की, जबकि उच्च शिक्षा डीएनपीजी कॉलेज से पूरी की। उनके पिता राजेश चतुर्वेदी भारतीय सेना में ऑनरेरी कैप्टन के पद से 30 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता सीमा देवी गृहिणी हैं। पिता की विभिन्न स्थानों पर तैनाती के कारण अंकित को अलग-अलग शहरों में रहकर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला, जिससे उनमें अनुशासन और संघर्ष करने की क्षमता विकसित हुई।
विशेष बात यह है कि अंकित इससे पहले भारतीय तटरक्षक बल में असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर चुके थे। हालांकि उनका सपना भारतीय वायुसेना में पायलट बनना था और इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखे।
13 जून को हैदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में अंकित कुमार को फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्रदान किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में उन्हें राष्ट्रपति आयोग प्रदान किया गया, जिसके साथ ही उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो गया।
अंकित ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना देश की सेवा करते हुए रक्षा बलों का हिस्सा बनने का था। अंतिम मेरिट सूची में अपना नाम देखकर पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पासिंग आउट परेड के बाद जब वह अपने घर पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मिठाइयां बांटी गईं और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि निरंतर प्रयास, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
