लखनऊ, 13 नवम्बर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय में प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे अवमानना मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में हाज़िर हुए। प्रमुख सचिव दुबे काे रामचंद्र अस्थाना की तरफ़ से दाख़िल अवमानना अर्ज़ी में पारित पूर्व आदेश के अनुपालन में कोर्ट ने तलब किया था।
प्रमुख सचिव दूबे की तरफ़ से कोर्ट में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता जे.एन. माथुर ने कोर्ट के समक्ष कहा तथा अंडरटेकिंग दिया कि याची का प्रमोशन उनसे जूनियर को दिए गए प्रमोशन की तिथि से दिया जाएगा और तदनुसार उनके पेंशन का निर्धारण अंतिम वेतन आहरण के अनुसार किया जाएगा। याची को उनके बकाया पेंशन का भुगतान उनके सेवानिवृत्ति की तारीख़ से किया जाएगा तथा उन्हें प्रत्येक माह पेंशन का भुगतान पुन: निर्धारित पेंशन के आधार पर किया जाएगा।
प्रमुख सचिव की तरफ़ से इसका अनुपालन करने के लिए कोर्ट से चार सप्ताह का समय माँगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। परंतु कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई के लिए आठ दिसंबर 2०25 की तारीख़ नियत की है तथा उस दिन फिर से आदेश के अनुपालन का हलफ़नामा माँगा है। हाई कोर्ट ने कहा है कि आदेश का अनुपालन न होने की दशा में प्रमुख सचिव अगली तारीख़ 8 दिसंबर को पुनः कोर्ट में उपस्थित होंगे।
यह आदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने रामचन्द्र अस्थाना की तरफ़ से दाख़िल अवमानना याचिका पर पारित किया है। कोर्ट अब इस मामले पर आगामी आठ दिसंबर को पूरा सुनवाई करेगी।
