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नई दिल्ली, 01 अगस्त । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गनाइज़ेशन ने शनिवार को अंगदान करने वालों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवारों को सम्मानित करने के लिए एक ‘डोनर सम्मान समारोह’ आयोजित किया। एम्स के निदेशक प्रो. निखिल टंडन ने अंगदान करने वाले परिवारों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान समारोह का उद्देश्य उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत दुःख के बीच भी समाज की भलाई और दूसरों का जीवन बचाने का निर्णय लिया।

प्रो. टंडन ने कहा, “इन परिवारों ने जो किया है, उसकी तुलना किसी भी चीज़ से नहीं की जा सकती। अपने गहरे व्यक्तिगत शोक के बावजूद उन्होंने समाज की सहायता करने और अन्य लोगों का जीवन बचाने का निर्णय लिया। ऐसी परिस्थितियों में वे जिस मानसिक और भावनात्मक स्थिति से गुजरते हैं, उसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। हमने उन्हें यहां आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और अपनी ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।”

टंडन ने कहा कि एम्स में अंगदान कई सालों से हो रहा है। यह व्यक्तिगत प्रयासों से शुरू होकर संस्थागत पहल और अब हेल्थ सिस्टम-आधारित अप्रोच तक विकसित हुआ है। यह बदलाव समय के साथ आया है। उन्होंने कहा कि जब वे अंडरग्रेजुएट में पढ़ाई कर रहे थे तो उससे भी पहले, यहां किडनी ट्रांसप्लांट किए जाते थे। उन दिनों, ट्रांसप्लांट में मुख्य रूप से जीवित डोनर शामिल होते थे। अब हमारे पास ब्रेन-डेड डोनर भी होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद कॉर्निया दान किया जा सकता है क्योंकि उन्हें ब्लड सर्कुलेशन की ज़रूरत नहीं होती।

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By editor

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