उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार परिणाम 25 अप्रैल के बाद किसी भी दिन जारी किए जा सकते हैं। मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है और अब डेटा एंट्री, अंकों का मिलान तथा अंतिम सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 52 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक प्रदेश भर के 8033 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गईं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई तथा लखनऊ और प्रयागराज स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग की गई।

आधिकारिक वेबसाइट और डिजीलॉकर पर मिलेगी डिजिटल मार्कशीट
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर रोल नंबर के माध्यम से देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त डिजीलॉकर और उमंग ऐप पर भी डिजिटल माकर्शीट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे छात्रों को तुरंत सुविधा मिल सके। यूपी बोर्ड ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश भर में 254 केंद्र बनाए थे। करीब 1.52 लाख शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया, जिनमें हाईस्कूल के लिए लगभग 96 हजार और इंटरमीडिएट के लिए 55 हजार से अधिक परीक्षक शामिल रहे। बोर्ड ने लगभग 2.80 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय में पूरा कराया।

सफल छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और कमजोर स्कूलों के लिए विशेष प्लान
परिणाम जारी होने के बाद स्क्रूटनी, अंक सुधार और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। सफल छात्रों के लिए उच्च कक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया तेज होगी, जबकि असफल छात्रों के लिए पूरक परीक्षा एवं विशेष सहायता कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि परिणाम घोषित होते ही जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं और परीक्षा परिणाम का विश्लेषण किया जाए। कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों के लिए विशेष शैक्षिक योजना तैयार की जाएगी। तकनीकी द्दष्टि से भी बोर्ड ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

सर्वर क्षमता बढ़ी, बोर्ड ने छात्रों से की अफवाहों से बचने की अपील 
परिणाम वाले दिन वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक को देखते हुए सर्वर क्षमता बढ़ाई गई है और तकनीकी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि छात्रों को रिजल्ट देखने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बोर्ड अधिकारियों ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता प्राप्त माध्यमों से ही परिणाम देखें तथा सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचें। इस बार भी बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।

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