खटीमा/ऊधम सिंह नगर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित भव्य सैनिक सम्मान समारोह में कहा कि उनकी सरकार ‘सैनिकों और किसानों की सरकार’ है और दोनों वर्गों के सम्मान, सुरक्षा व समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए 8.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन तथा सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों और 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

‘सैनिक का जीवन अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक होता’
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी एवं अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि एक सैनिक का जीवन अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक होता है, और उनके पिता से मिले संस्कार आज भी उनके निर्णयों का मार्गदर्शन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जहां हर परिवार का सेना से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को पांच गुना तक बढ़ाने, आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, वीरता पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि में वृद्धि जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि बढ़ाई 
परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने बताया कि देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढि़यों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देगा। साथ ही सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए बसों में नि:शुल्क यात्रा और संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्ग दर्शन में केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

‘सैनिक और किसान दोनों ही राष्ट्र और राज्य की रीढ़ हैं’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सैनिक और किसान दोनों ही राष्ट्र और राज्य की रीढ़ हैं, इसलिए उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा क्षमता में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘मेक फॉर द वल्डर्’ की दिशा में अग्रसर है और रक्षा उत्पादन व निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया और सैनिकों के सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैन्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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