सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संत प्रेमानंद महाराज को ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी के रूप में दिखाया गया है। इस पोस्टर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा ने कड़ी आपत्ति जताई है। ‘ब्रज की परंपराओं और आस्था का अपमान’ सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यह ब्रज की परंपराओं और आस्था का अपमान है। ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ और महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि किसी संत को बिहारीजी के रूप में दिखाना गलत है। उनके अनुसार, श्रीबांकेबिहारी ब्रज के आराध्य हैं और उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। पोस्टर डालने वाले लोगों की हो रही पहचान सभा ने इस पोस्टर की कड़े शब्दों में निंदा की है। परशुराम शोभा यात्रा समिति के महामंत्री राम प्रकाश शर्मा और जिला उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि इस पोस्ट को डालने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभा ने प्रेमानंद महाराज के प्रबंधन से भी अपील की है कि वे अपने अनुयायियों को ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए निर्देश दें। उनका कहना है कि इस तरह के पोस्ट से संत की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। ब्राह्मण सभा ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ईश-निंदा के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।

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Apr 3, 2026

सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संत प्रेमानंद महाराज को ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी के रूप में दिखाया गया है। इस पोस्टर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा ने कड़ी आपत्ति जताई है।

‘ब्रज की परंपराओं और आस्था का अपमान’ 
सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यह ब्रज की परंपराओं और आस्था का अपमान है। ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ और महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि किसी संत को बिहारीजी के रूप में दिखाना गलत है। उनके अनुसार, श्रीबांकेबिहारी ब्रज के आराध्य हैं और उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।

पोस्टर डालने वाले लोगों की हो रही पहचान 
सभा ने इस पोस्टर की कड़े शब्दों में निंदा की है। परशुराम शोभा यात्रा समिति के महामंत्री राम प्रकाश शर्मा और जिला उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि इस पोस्ट को डालने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभा ने प्रेमानंद महाराज के प्रबंधन से भी अपील की है कि वे अपने अनुयायियों को ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए निर्देश दें। उनका कहना है कि इस तरह के पोस्ट से संत की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। ब्राह्मण सभा ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ईश-निंदा के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।

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