सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार को सेना में भर्ती की केंद्र सरकार की अग्न्पिथ योजना पर मुहर लगा दी है। शीर्ष कोर्ट ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दो अपीलों को सोमवार को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कहा कि यह योजना मनमानी नहीं है। आपको बता दे कि बीते साल केंद्र सरकार की इस योजना को लेकर विभिन्न विपक्ष दलों ने कड़ी आपति जताई थी। देशभर में इसका जबरदस्त विरोध किया गया था। सेना में भर्ती अग्निपथ योजना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दो याचिका भी दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी आज इन याचिका को खारिज कर केंद्र की योजना को सही ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र की अग्निपथ योजना को बरकरार रखने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अग्निपथ योजना को अब सुप्रीम कोर्ट से भी हरी झंडी मिल गई है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि अग्निपथ योजना की शुरुआत से पहले सेनाओं के लिए रैलियों, फिजिकल और मेडिकल टेस्ट जैसी भर्ती प्रक्रियाओं के जरिये चुने गए उम्मीदवारों के पास नियुक्ति का अधिकार नहीं है।

आपको बता दें कि अग्निपथ योजना के आने से पहले एयरफोर्स में नियुक्ति के लिए इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने को तैयार हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 17 अप्रैल तय की है।

आपको बता दें कि 14 जून, 2022 को अग्निपथ योजना पेश की गई थी। इस स्कीम के तहत सेना में युवाओं का भर्ती किए जाने के नए नियम बताए गए थे। इन नियमों के मुताबिक, साढे 17 साल से लेकर 21 साल तक की उम्र के युवा ही इसमें आवेदन कर सकते है। चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा।

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