नागरिक उड्डयन मंत्रालय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने, अधिक हवाई पट्टियां विकसित करने तथा बड़े और छोटे हवाई अड्डों के लिए नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रहा है। बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है, जहां घरेलू हवाई यातायात बढ़ रहा है तथा एयरलाइन अपने बेड़े के साथ-साथ परिचालन का भी विस्तार कर रही हैं।

नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुलनाम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 157 हो गई है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने देश में 453 हवाई पट्टियों की पूरी सूची की समीक्षा की है और उनमें से लगभग 157 चालू हैं।

उन्होंने कहा कि ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के रूप में और अधिक हवाई पट्टियों का विकास किया जाएगा। साथ ही नागरिक विमान संचालन के लिए और अधिक रक्षा हवाई क्षेत्रों को संयुक्त रूप से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

सचिव ने कहा कि मंत्रालय प्रमुख और छोटे हवाई अड्डों के लिए नियमों की समीक्षा करने और आवश्यक संशोधन करने पर विचार करेगा। ये कदम खास तौर पर टियर 2 और 3 शहरों में हवाई संपर्क को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। इंडिगो और एयर इंडिया ने बड़े विमानों के ऑर्डर दिए हैं, जिनमें वाइड-बॉडी विमान भी शामिल हैं।

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