उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ के सर्वोदय इंटर कॉलेज के हाईस्कूल के 76 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। कॉलेज प्रशासन की एक भारी चूक के कारण इन सभी छात्रों की मार्कशीट पर ‘फेल’ का ठप्पा लग गया है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

मेहनत पर फिरा पानी, मार्कशीट पर ‘जीरो’ या ‘अनुपस्थित’
यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित होते ही सर्वोदय इंटर कॉलेज में मातम छा गया। जब छात्रों ने अपना रिजल्ट चेक किया, तो वे सदमे में आ गए। पड़ताल करने पर पता चला कि इन सभी 76 छात्रों ने लिखित परीक्षा में तो बेहतरीन प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रैक्टिकल (प्रयोगात्मक परीक्षा) के अंकों की जगह ‘अनुपस्थित’ (Absent) या शून्य दर्ज था। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने समय पर प्रैक्टिकल परीक्षाएं दी थीं और स्कूल के पास उनके अंक सुरक्षित भी थे, लेकिन कॉलेज ने इन्हें बोर्ड को भेजा ही नहीं।

क्लर्क की लापरवाही से बर्बाद हुआ साल
जांच में यह बात सामने आई है कि कॉलेज के क्लर्क या संबंधित कर्मचारी ने प्रैक्टिकल के अंकों को यूपी बोर्ड के ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किया। बोर्ड के पास डेटा नहीं पहुंचने के कारण नियमानुसार इन सभी स्टूडेंट्स को फेल घोषित कर दिया गया। स्कूल की इस डेस्क पर बैठी लापरवाही ने छात्रों की सालभर की दिन-रात की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया है।

अभिभावकों में गुस्सा, भविष्य पर संकट
इस घटना के बाद से स्कूल कैंपस में तनाव का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि वे समय पर फीस भरते हैं, लेकिन स्कूल की लापरवाही ने उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। छात्रों को अब आगे की कक्षाओं में एडमिशन मिलने की चिंता सता रही है और उनका एक कीमती साल बर्बाद होने का डर है। फिलहाल, ये छात्र न्याय की गुहार लगाते हुए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि इस मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा?

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