देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद संवेदनशील और हाई-रिस्क जॉइंट ऑपरेशन (High-Risk Joint Operation) को अंजाम देते हुए मणिपुर के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ‘कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी’ (KCP) के सबसे बड़े मास्टरमाइंड और प्रमुख कमांडर हाओबिजम दिलीप सिंह को दिल्ली से दबोच लिया है। सुरक्षा बलों को अंदेशा था कि दिलीप सिंह राजधानी दिल्ली में किसी बड़ी और गुप्त आतंकी बैठक को अंजाम देने आया था। यह कामयाबी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, मणिपुर पुलिस और एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी के बीच सटीक तालमेल और खुफिया इनपुट के आधार पर चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के बाद मिली है। दिलीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने देश के सुरक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

गिरफ्तारी के बाद, इस वांछित उग्रवादी से लगातार पूछताछ की गई। इसके परिणामस्वरूप, मणिपुर के काकचिंग इलाके में हाल के समय में हथियारों और गोला-बारूद की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक हुई। सुरक्षा बलों को हथियारों का एक ऐसा जखीरा मिला है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि राज्य में—और संभवतः उसके बाहर भी—बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की एक साज़िश को नाकाम कर दिया गया है।

 

इस ऑपरेशन के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने हथियारों का एक बड़ा संग्रह ज़ब्त किया। इनमें एक AK-56 राइफल, एक ‘अमोघ’ राइफल, एक ‘AI’ राइफल और एक ‘M4’ राइफल (जिसमें स्कोप लगा था) शामिल हैं। इसके अलावा, INSAS, AK, SLR, M4 और LMG राइफलों की कई खाली मैगज़ीन भी मिलीं। बरामद किए गए सामान में 51 HE बम, दो ‘पैरा बम’, 11 डेटोनेटर और चार ‘लेथोड शेल’ भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, लगभग 2,000 ज़िंदा कारतूस भी बरामद किए गए, जो ‘अमोघ’, INSAS, AK, .303 और SLR राइफलों के थे।

ऑपरेशन के दौरान बरामद की गई अन्य चीज़ें

सुरक्षा टीमों ने अलग-अलग रंगों के बैग, एक तिरपाल (tarpaulin) शीट, प्लास्टिक के थैले और एक Redmi 13C मोबाइल फ़ोन भी ज़ब्त किया। इस फ़ोन में Airtel और Jio के SIM कार्ड लगे थे, जिनकी अब ‘कम्युनिकेशन ट्रेल्स’ (संचार के रिकॉर्ड) का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है।

 

एजेंसियाँ इस बात की जाँच कर रही हैं कि क्या दिल्ली भी उनके निशाने पर थी

राष्ट्रीय राजधानी में एक शीर्ष उग्रवादी कमांडर की मौजूदगी ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। केंद्रीय एजेंसियाँ अब इस बात की जाँच कर रही हैं कि क्या दिल्ली भी उनके संभावित निशाने पर थी, या फिर यह बैठक मणिपुर अथवा अन्य क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों की योजना बनाने के उद्देश्य से की गई थी। आरोपी के ख़िलाफ़ पहले से ही UAPA के तहत 12 से ज़्यादा मामले दर्ज हैं।

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