प्रयागराज के माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नोज पर बवाल मच गया। श्रद्धालुओं की अत्याधिक भीड़ होने की वजह से प्रशासन ने ज्योति पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वर सरस्वती के जुलूस को रोक दिया। पुलिस ने मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन होने का हवाला देते हुए शंकराचार्य को संगम तट पर जाने से रोका था, लेकिन इसके बाद समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हो गई। इससे मेला क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते बवाल इतना बढ़ गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से ही इनकार कर दिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से समर्थकों को धक्का देकर पीछे हटाया। इस कार्रवाई से संतों में भारी रोष व्याप्त हो गया।

प्रयागराज में जारी माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर सुबह आठ बजे तक 1.3 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कल रात 12 बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों का गंगा और संगम क्षेत्र में आना जारी है। इससे पूर्व, मकर संक्रांति के अवसर पर 1.03 करोड़ जबकि एकादशी पर लगभग 85 लाख लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया था। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को सही रास्ता दिखाने के लिए मेला प्रशासन ने खंभों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए हैं और नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवक भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बतया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। 

उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान और योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा किभीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।  

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