मुजफ्फरनगर में सिखेड़ा थाना क्षेत्र के नंगला मुबारिक गांव के जंगल में 13 साल पहले किसान की हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया।

जानसठ क्षेत्र के कवाल गांव निवासी अहसान अपने चचेरे भाई अनवार के साथ सिखेड़ा क्षेत्र के नंगला मुबारिक गांव के जंगल में स्थित खेतों में आठ दिसंबर 2011 की रात पानी चलाने गया था। बदमाशों ने गोली मारकर अहसान की हत्या कर दी और फरार हो गए। अनवार ने किसी तरह जान बचाकर परिजनों को जानकारी दी।

मृतक के चाचा वादी लतीफ ने हत्या का अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद रंजिश के चलते हत्या किए जाने का खुलासा किया था। आरोपी जानसठ के कवाल निवासी वसीम उर्फ अड़वानी, पप्पू, रतनपुरी के नंगला भनवाड़ा निवासी नौशाद और शौकीन के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय संख्या-10 में हुई। अदालत में चारों आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। बता दें कि दोषियों को हत्या में आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई, जबकि दोषी वसीम उर्फ अड़वानी को आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई गई है।

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