प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए विधायी निकायों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ना उचित है। उन्होंने कहा कि संसद की तीन दिवसीय बैठक 16 अप्रैल से शुरू हो रही है और इसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधनों को पारित किया जाना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की और अधिक देरी भारत की महिलाओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगी एवं उनके साथ घोर अन्याय जैसा होगा।

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प्रधानमंत्री ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किए गए पत्र में कहा, ”यदि 2029 के लोकसभा चुनाव और उस वर्ष होने वाले विभिन्न विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं, तो हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत की बेटियों को उस अधिकार के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कराया जा सकता, जो उनका हक है। उन्होंने कहा, ”जब हमारी विधायिकाओं में महिलाओं की आवाज और मजबूत होती है, तो लोकतंत्र की आवाज भी और अधिक सशक्त हो जाती है।”

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उन्होंने कहा, ”मैं संसद की अगली बैठक और संविधान संशोधन के पारित होने के लिए आपका तथा भारत भर की करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद चाहता हूं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और उनसे इस ऐतिहासिक संसद सत्र में भाग लेने का अनुरोध करें।” सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है, पारित किया था। इसे विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

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इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया। महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों के पारित हो जाने से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता। इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए बजट सत्र में तीन दिन की बैठक अलग से बुला रही है।

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