उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने शनिवार शाम को दो दरोगा और दो सिपाहियों को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत के बाद की गई है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। 

‘अपराधियों से सांठगांठ और वसूली जैसे आरोप लगाए’
शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर और सांसद रमेश अवस्थी के साथ हुई बैठक में भाजपा नेताओं ने कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपमानजनक व्यवहार, नशीले पदार्थों की बिक्री को संरक्षण देने, अपराधियों से सांठगांठ और वसूली जैसे आरोप लगाए। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया था।

दरोगा और सिपाही की मिलीभगत से चल रहा हुक्काबार  
भाजपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बर्रा क्षेत्र में दरोगा अंकित कसाना और सिपाही अंकुर विहान की मिलीभगत से हुक्काबार चल रहे हैं। वहीं, स्वरूपनगर थाने के दरोगा रविंद्र राणा और सिपाही सोनू पर वसूली के आरोप लगाए गए। इसके अलावा दामोदरनगर, बर्रा आठ, गुजैनी, नौबस्ता और बसंत विहार क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री और विराट चौक के केडीए क्षेत्र में बिना लाइसेंस शराब बेचने की भी शिकायत की गई।

इन्हें हटाया गया 
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि दरोगा अंकित कसाना और सिपाही अंकुर विहान को हटा दिया गया है। वहीं, डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा रविंद्र राणा और सिपाही सोनू को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

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