बारादरी क्षेत्र में पार्सल ठेकेदार अनुज पांडेय की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कुली नौबत यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद करने के लिए नौबत यादव को भरतौल रोड स्थित खाली गोदाम के पास ले गई थी। इसी दौरान नौबत ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया, जिससे आरोपी के पैर में गोली लग गई। मौके से पुलिस ने 12 बोर का तमंचा, एक फंसा हुआ खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। घायल आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस ने फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि एसआई रोहित शर्मा और हेड कांस्टेबल असलम की टीम ने घेराबंदी कर नौबत यादव को गिरफ्तार किया। इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों दिनेश यादव, राजन, कामदेव, नन्हें, इसरार और सुनील कश्यप की तलाश की जा रही है

 

मृतक अनुज पांडेय और उसके भाई अतुल पांडेय ने बस अड्डे पर पार्सल ठेकेदारी शुरू की थी, जिससे कुलियों के साथ उनका विवाद चल रहा था। कुली 50 रुपये प्रति पार्सल की मांग कर रहे थे, जबकि अनुज और अतुल 20 रुपये प्रति पार्सल देने को तैयार थे।इसी विवाद के चलते कुलियों ने कई बार झगड़ा किया और धमकी दी थी

मंगलवार शाम कुलियों ने अनुज और अतुल पर फायरिंग कर दी।जब उनके साथी शुभम ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की, तो हमलावर हवाई फायरिंग कर फरार हो गए।

घटना के बाद अनुज और अतुल के पिता राजेश पांडेय बरेली पहुंचे और बारादरी थाने में सात कुलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

बुधवार को अनुज के शव का पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें खुलासा हुआ कि 12 बोर के तमंचे से किए गए फायर में 16 छर्रे उसके सीने में धंस गए थे, जिससे उसकी मौत हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नौबत यादव ने हत्या में इस्तेमाल 12 बोर का तमंचा रोडवेज की एक अनुबंधित बस के चालक से खरीदा था। इसके बदले उसने चालक को सात हजार रुपये दिए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights