राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता पर हुई रेड को लेकर राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दोनों सांसदों पर की गई कार्रवाई को बहुत क्रूर्रतापूर्ण कार्य बताया है।
जानकारी के अनुसार विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर इस बात की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार से सवाल पूछे हैं कि आखिर राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद ही वे डिफॉल्टर कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि एक तरफ पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि इन्वेस्टरों को राज्य में इन्वेस्ट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। और दूसरी तरफ पंजाब में ही इन्वेस्टरों पर ऐसी कार्रवाइयां की जा रही हैं। ऐसे में लवली और ट्राइडेंट ग्रुप पर कार्रवाई करके राज्य सरकार इन्वेस्टरों को क्या मैसेज देना चाहती है? उन्होंने सवाल पूछते कहा कि दोनों सांसदों ने जैसे ही उनकी पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन की वैसे ही वे डिफॉल्टर कैसे हो गए। क्या एक ही दिन में प्रदूषण फैलने लगा या फिर क्या एक ही दिन में जी.एस.टी. के नियमों की उल्लंघना हो गई?
सांसद विक्रमजीत साहनी ने आगे आम आदमी पार्टी को घेरते हुए कहा कि दोनों ग्रुप पर रेड करना यह साफ जाहिर करता है कि 7 सांसदों का आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना उन्हें खटक रहा है। ऐसे में उन्होंने आम आदमी पार्टी को चेतावनी देते कहा कि अगर वे सभी सांसदों पर कार्रवाई करने की सोच रहे हैं तो वह पहले ही अधिकारियों को सचेत कर दें कि केंद्र सरकार चुपचाप यह अत्याचार नहीं देखेगी। उन्होंने अपने ट्वीट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी टैग किया है जिसके चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही केंद्र सरकार भी इस मामले में एंट्री कर सकती है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राघव चड्ढा सहित 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इनमें राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। उनके पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद ही पंजाब सरकार ने 2 राज्यसभा सांसदों अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता पर रेड करवा दी थी। इसी कार्रवाई को लेकर पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है।
