केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है और नए टैक्स रेट 1 जून से प्रभावी होंगे।
सरकारी आदेश के मुताबिक, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में 1.50 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 9.50 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से तेल कंपनियों को निर्यात के क्षेत्र में राहत मिलेगी और उनकी लागत कम होगी। सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के मद्देनजर उठाया गया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और तेल क्षेत्र को संतुलित समर्थन देना है।
वहीं, रविवार को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि मई महीने के दौरान दोनों ईंधनों की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
गौरतलब है कि निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का मकसद देश में किसी उत्पाद, वस्तु या कच्चे माल की घरेलू मांग पूरी करने के लिए भी निर्यात शुल्क लगाया जाता है। जब कमी होने लगती है तो सरकार एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा देती है, जिसे कंपनियां अपना माल बाहर भेजने की बजाय देश में ही बेचती हैं। विदेशी बाजारों में जब कोई चीज महंगी होने लगती है तो देश में उसकी कीमतों का स्थिर बनाए रखने के लिए एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई जाती है।
