उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद नगर निगम इन दिनों अपनी बदहाल कार्यप्रणाली और अधिकारियों की उदासीनता को लेकर लगातार विरोध का अखाड़ा बना हुआ है. विकास कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की अनदेखी के खिलाफ अब पार्षदों का धैर्य पूरी तरह जवाब देने लगा है. ताजा मामला वार्ड नंबर 20 के सुदामा नगर से सामने आया है, जहां क्षेत्रीय पार्षद मनोज शंखवार ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ बेहद अनोखे और आक्रामक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया.
सुदामा नगर इलाके में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन फूटी हुई है, जिसके कारण सड़कों पर गहरा जलभराव हो गया है. बार-बार शिकायत के बाद भी जब अधिकारियों ने सुध नहीं ली, तो पार्षद मनोज शंखवार का गुस्सा फूट पड़ा. वे खुद उसी फूटी पाइपलाइन से बह रहे गंदे पानी के बीच जाकर बैठ गए.
इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय जनता ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया और कहा कि इस पानी में मत घुसो, इसमें कीड़े हैं, तो पार्षद ने बेहद भावुक होते हुए जवाब दिया- “मेरी वार्ड की जनता इसी गंदे और कीड़े वाले पानी को पीने को मजबूर है, तो मैं अपनी जनता के हक के लिए इस पानी में क्यों नहीं घुस सकता?” पार्षद के इस कदम और जनता के प्रति उनके इस समर्पण को देखकर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों ने उनकी जमकर तारीफ की और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
मकान गिरने की कगार पर, पक्षपात का आरोप
पार्षद मनोज शंखवार ने नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुदामा नगर में वर्षों पुरानी और जर्जर पाइपलाइन डली हुई है, जो जगह-जगह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. उन्होंने कहा कि कई बार मांग करने के बाद भी नई पाइपलाइन नहीं डाली गई और जानबूझकर उनके वार्ड की जनता को परेशान किया जा रहा है. लगातार हो रहे जलभराव और पानी के रिसाव (सीपेज) के कारण बीते दिन क्षेत्र के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई आशियाने गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं.
महिला पार्षद ने कराया था मुंडन, भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला था मोर्चा
फिरोजाबाद नगर निगम में जन प्रतिनिधियों का यह आक्रोश नया नहीं है, बल्कि लगातार गहराता जा रहा है. अभी बीते मंगलवार को ही वार्ड नंबर 6 की महिला पार्षद उषा शंखवार ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना सिर मुंडवा लिया था. एक महिला पार्षद द्वारा इस तरह मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराने के मामले ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं. इस घटना को अभी कुछ ही दिन बीते थे कि अब वार्ड-20 के पार्षद द्वारा गंदे पानी में उतरकर किए गए इस प्रदर्शन ने नगर निगम की कार्यशैली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है.
आंदोलन की दी चेतावनी
स्थानीय जनता का कहना है कि नगर निगम के ढुलमुल रवैये के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. वहीं, पार्षद मनोज शंखवार ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नई पाइपलाइन डालकर समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन नगर निगम मुख्यालय पर एक बड़े उग्र प्रदर्शन का रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

