दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के मामले में गिरफ्तारी एवं उन्हें हिरासत में भेजने को चुनौती देने के मुद्दे पर हाईकोर्ट 9 अप्रैल को अपना फैसला पारित करेगा।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एवं केजरीवाल का पक्ष सुनने के बाद 3 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

ईडी ने कोर्ट से कहा था कि गिरफ्तार मुख्यमंत्री केजरीवाल भ्रष्ट आचरण के रहते चुनाव एवं मुख्यमंत्री के नाम पर राहत नहीं मांग सकते हैं।

उनकी पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी है तो उनके भी साथ यही किया जाएगा जो आम आदमी के साथ किया जाता है।

जिसपर देश को लूटने का आरोप है वह चुनाव एवं मुख्यमंत्री के नाम पर राहत नहीं मांग सकता।

वहीं केजरीवाल ने कहा था गवाहों से जबरन बयान दिलवाए गए हैं जिससे उन्हें चुनाव के समय गिरफ्तार किया जा सके। ऐसे में गिरफ्तारी गैरकानूनी है।

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