समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया कि राज्य में कोडीन युक्त कफ सिरप गिरोह मामले में शामिल लोगों की जांच कोई केंद्रीय एजेंसी क्यों नहीं कर रही और उन्होंने दावा किया कि छापेमारी केवल चुनावी राज्यों में ही की जा रही है। यादव ने कहा, ‘‘कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट में शामिल लोगों ने आठ सौ करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है, लेकिन ईडी या सीबीआई उनकी जांच नहीं कर रही।” 

‘ईडी सिर्फ उन्हीं जगहों पर क्यों जा रही है जहां चुनाव हो रहे हैं?’
अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘ईडी सिर्फ उन्हीं जगहों पर क्यों जा रही है जहां चुनाव हो रहे हैं? वह कोडीन युक्त कफ सिरप मामले की जांच क्यों नहीं कर रही है?” 

सपा और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध कारोबार के मामले को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों खासतौर से सपा के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अभी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा खूब जोर-शोर से उठा था। सपा सदस्यों ने सदन के अंदर से लेकर बाहर तक जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया। विधानसभा सत्र के पहले ही दिन 19 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘‘इस मामले की जांच के लिए एक राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) काम कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस और एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। किन-किन लोगों तक इस अवैध कारोबार का पैसा पहुंचा है, यह सब जांच में सामने आएगा।” 

सीएम योगी ने कसा  था तंज 
अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘उनके बारे में बस यही कहूंगा-‘यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।” आदित्यनाथ ने कहा था, ‘‘माफियाओं के साथ इनकी (अखिलेश यादव) भी तस्वीरें हैं। जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी सामने होगा।” सदन में की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार ने 79 मामले दर्ज किए हैं, 225 लोग नामजद हैं और 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘134 कंपनियों पर छापे मारे गए हैं। इस गिरोह से जुड़े लेन-देन की एसटीएफ जांच कर रही है, और अगर गहराई से जांच की जाए तो समाजवादी पार्टी के नेताओं या पदाधिकारियों से इसके संबंध सामने आते हैं।” 

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