मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Pakistan को बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। एक तरफ पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने उसके ही जहाज को Strait of Hormuz से गुजरने नहीं दिया।“SELEN” नाम का यह जहाज कराची जा रहा था, लेकिन ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने उसे बीच रास्ते से ही लौटा दिया। वजह साफ बताई गई जहाज ने जरूरी अनुमति नहीं ली और नियमों का पालन नहीं किया।

 

ईरान ने इस घटना के जरिए पाकिस्तान को सीधा संदेश दिया है कि सिर्फ वही जहाज इस रास्ते से गुजर सकते हैं, जिन्हें “गैर-शत्रु” माना जाता है और जिन्होंने पहले से अनुमति ली हो। यानी साफ तौर पर ईरान ने दिखा दिया कि वह किसी भी देश को बिना शर्त छूट देने के मूड में नहीं है। यह घटना पाकिस्तान के लिए इसलिए भी शर्मनाक मानी जा रही है क्योंकि वह खुद को इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने वाला “बड़ा खिलाड़ी” बताने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि उसका अपना जहाज ही इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को पार नहीं कर सका।

वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजरते रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंधों के आधार पर निर्णय ले रहा है। Strait of Hormuz दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। मौजूदा संघर्ष के कारण इस रास्ते पर सख्ती बढ़ गई है, जिससे वैश्विक बाजार और ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ रहा है। Strait of Hormuz पर नियंत्रण दिखाकर ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में असली ताकत उसी के पास है। इस कदम से पाकिस्तान की कूटनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं और उसकी “मध्यस्थ” की छवि को बड़ा झटका लगा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पाकिस्तान इस तरह की घटनाओं को संभाल नहीं पाया, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख और कमजोर हो सकती है।

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