कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल के दाम में आठ दिन के भीतर तीसरी बार वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मौजूदा स्थिति को देखकर लगता है कि सरकार में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है जिसके कारण बार-बार ईंधन के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम रहने के दौरान सरकार ने जनता को राहत नहीं दी, बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी कर लगाकर लोगों पर बोझ डाला और अब संकट की स्थिति में भी सरकार आम लोगों को राहत देने के बजाय बार-बार और लगातार ईंधन की कीमतों में वृद्धि कर रही है।
पेट्रोल-डीजल पर रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपये का केंद्रीय कर
उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल पर रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपये का केंद्रीय कर लगाया गया लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय दाम कम थे तब जनता को उसका लाभ नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के दौरान इटली, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड जैसे देशों ने अपनी जनता को राहत देने के लिए ईंधन पर करों में कटौती अथवा राहत पैकेज दिए लेकिन भारत में इसके विपरीत कदम उठाए गए।
अब देश की जनता समझ रही है
उन्होंने कहा कि इटली ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क की कटौती की, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने करों में कमी कर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दी, ब्रिटेन ने घरों को ऑयल सहायता तथा ईंधन एवं बिजली पर करों में राहत दी, जबकि आयरलैंड ने राहत पैकेज के जरिए ईंधन कीमतों में कमी की। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि वह बताएं‘इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है’और आरोप लगाया कि सरकार में‘नेतृत्व संकट’वास्तविक है, जिसे अब देश की जनता समझ रही है।
