पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से झटका लगा है। अदालत ने रामपुर की ट्रायल कोर्ट को पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां का पक्ष सुनने के निर्देश दिए हैं। मामला निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से दाखिल अपील से जुड़ा है। इसी अपील में शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खां ने भी पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का पलटा आदेश
मिली जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से शिकायतकर्ता की याचिका का विरोध किया गया। दलील दी गई कि अपील में उन्हें पक्षकार बनाए जाने का औचित्य नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश पलट दिया। अदालत ने कहा कि सजा बढ़ाने की अपील जैसे मामलों में शिकायतकर्ता भी महत्वपूर्ण पक्ष होता है, इसलिए उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि नवाब काजिम अली खां को सुनवाई का अवसर देने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

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