अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई हवाई बमबारी के बाद जमीन के नीचे छिपी या मलबे में दबी मिसाइलों और कई गोला-बारूद को बरामद करने के लिए ईरानी सरकार ने अभियान तेज कर दिए हैं. एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान मौजूदा युद्धविराम का लाभ उठाकर अपनी ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं का तेजी से पुनर्निर्माण कर रहा है.
क्या कर रहा है ईरान
बचाव अभियान का मुख्य मकसद उन हथियारों को निकालना है, जो हमलों के कारण मलबे के नीचे दब या छिप गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य गतिविधियों को फिर से शुरू करने का फैसला करते हैं तो ईरान मिडिल ईस्ट में हमले शुरू कर सके.
संयुक्त राष्ट्र में हुआ था राजनयिक तनाव
एनबीसी न्यूज़ के अनुसार, इन रणनीतिक संपत्तियों को निकालने का प्रयास क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर भविष्य में होने वाले किसी भी बदलाव की आशंका में आक्रमण क्षमता को फिर से बहाल कर सकता है. ईरान का यह गुप्त अभियान संयुक्त राष्ट्र में हुए तीव्र राजनयिक तनाव के बाद शुरू हुआ है, जहां ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने 6 अरब देशों पर पलटवार किया था.
अरब देशों को ठहाराया जिम्मेदार
इरावानी ने सैन्य कार्रवाइयों में अरब देशों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि इन देशों ने अपनी धरती पर स्थित सैन्य ठिकानों को अमेरिकी-इजरायली दुश्मन के हवाले करके इस युद्ध में भाग लिया. तेहरान की सैन्य प्रतिक्रियाओं का बचाव करते हुए इरावानी ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निर्धारित आत्मरक्षा का वैध अधिकार बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि जो राष्ट्र ईरान पर हमला करने के लिए अपने ठिकानों, हवाई क्षेत्र, क्षेत्रीय जल या भूमि के उपयोग की अनुमति देते हैं, वे जिम्मेदार हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
व्हाइट हाउस के अधिकारियों का बयान
व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा युद्धविराम प्रभावी रूप से 60 दिनों की कानूनी समय सीमा को स्थगित करता है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने एनबीसी न्यूज़ को बताया, “मुझे नहीं लगता कि अभी कोई सैन्य बमबारी, गोलीबारी या ऐसा कुछ हो रहा है. फिलहाल हम शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं.” डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन द्वारा 1 मई की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर हेगसेथ ने कहा कि मैं इस मामले में व्हाइट हाउस और व्हाइट हाउस के वकील के निर्णय को स्वीकार करूंगा. हालांकि अभी युद्धविराम लागू है.
