सोना-चांदी बाजार में भारी मंदी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के लिए चिंता की लहर दौड़ गई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख साफ नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इस गिरावट के पीछे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की हाल ही में ब्याज दर में कमी का फैसला मुख्य कारण माना जा रहा है। इससे निवेशकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और सोना, जो पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, उसकी मांग कम हो रही है।

देश के प्रमुख वायदा बाजार MCX पर गुरुवार को सोने की कीमतों में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सुबह के सत्र में 10 ग्राम सोने की कीमत में 561 रुपये की कमी के साथ यह 1,09,261 रुपये पर ट्रेड हुआ। इसी तरह, चांदी भी लाल निशान में रही, जहां प्रति किलोग्राम 922 रुपये घटकर इसकी कीमत 1,26,062 रुपये हो गई। ये संकेत घरेलू बाजार में निवेशकों के लिए सतर्कता की घंटी हैं।

वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में कमी आई है। अमेरिकी comex बाजार में सोना करीब 0.64 प्रतिशत या 23.80 डॉलर की गिरावट के साथ प्रति औंस 3,694 डॉलर पर पहुंच गया है। गोल्ड स्पॉट की कीमत भी 0.08 प्रतिशत घटकर 3,657 डॉलर के आसपास ट्रेंड कर रही है। चांदी की कीमतें भी लगभग आधे प्रतिशत गिर गई हैं, जो 41.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची हैं।

इस गिरावट का मुख्य कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती है, जो दिसंबर 2024 के बाद पहली बार हुई है। इसके अलावा, फेड ने आने वाले साल में और भी दो बार दरें घटाने के संकेत दिए हैं। ब्याज दरों में कमी से बैंकों से कर्ज लेना सस्ता होगा, जिससे निवेशक शेयर बाजार की ओर अधिक रुख कर सकते हैं। इससे सोने की मांग में गिरावट आना स्वाभाविक है, क्योंकि यह एक सुरक्षित लेकिन कम रिटर्न वाला विकल्प माना जाता है।
 

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