उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बार फिर ये साबित हो गया… कि लोगों को अपनी बीमारी से नहीं, बिल से डरना चाहिए, क्योंकि कानपुर में मौत भी अब बिज़नेस का हिस्सा बन गई है… और अस्पताल, इलाज के नाम पर खून चूसने का सेंटर बन चुके हैं। डॉक्टर्स को कलयुग का भगवान कहा जाता है लेकिन अब तो कलयुग के भगवान बेईमानी पर उतारू हो गए हैं।

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…डॉक्टर साहब ने ‘कस्टमर रिटेंशन पॉलिसी’ लागू कर दी
बता दें कि शहर के रीजेंसी हॉस्पिटल के दो डॉक्टर डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. निर्मल पांडे पर आरोप है कि 17 दिन में मरीज से साढ़े 18 लाख रुपये वसूल लिए और मौत के बाद भी 1.5 लाख की मांग कर दी। परिजनों ने बार-बार कहा कि मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाएं। लेकिन डॉक्टर साहब ने ‘कस्टमर रिटेंशन पॉलिसी’ लागू कर दी “ले गए तो मरीज को कुछ भी हो सकता है।” और कुछ भी हो भी गया… मरीज की मौत हो गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, मौत के बाद भी 1.5 लाख का बोनस बिल मांग लिया गया। शायद After Death Service Charge था।

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डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. निर्मल पांडे के खिलाफ 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
तीमारदारों की गुहार पर अब CMO हरिदत्त नेमी ने डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. निर्मल पांडे के खिलाफ 3 सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है। देखना ये है कि इस जांच में इंसाफ मिलेगा या फिर एक और ‘बिलिंग रिपोर्ट’थमा दी जाएगी।

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