देश में LPG सिलेंडर की डिलीवरी को secure and transparent बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम के तहत अब सिलेंडर की 100% डिलीवरी DAC कोड के जरिए ही की जा रही है, ताकि गैस सही उपभोक्ता तक पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके।
लेकिन इसी सुरक्षा व्यवस्था का फायदा अब साइबर ठग उठाने की कोशिश कर रहे हैं। फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए लोग खुद को गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं से DAC या OTP मांग रहे हैं। इसी को देखते हुए HP Gas, Indane और Bharat Gas ने अपने ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कंपनियों ने साफ किया है कि कोई भी अधिकृत कर्मचारी फोन कॉल, WhatsApp या किसी लिंक के जरिए DAC या OTP नहीं मांगता। यदि कोई व्यक्ति कॉल करके सिलेंडर बुकिंग कन्फर्म करने, KYC अपडेट या तेज डिलीवरी का बहाना बनाकर कोड मांगता है, तो यह पूरी तरह से धोखाधड़ी हो सकती है।
HP Gas ने क्या कहा?
HP Gas ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर चेतावनी जारी करते हुए बताया कि उनका कोई भी अधिकारी कभी भी OTP या DAC फोन पर नहीं मांगता। कंपनी ने कहा कि अगर यह कोड गलत हाथों में चला गया तो उपभोक्ता फर्जी डिलीवरी या वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
Bharat Gas का सिस्टम
Bharat Gas की तरफ से भेजा जाने वाला मैसेज अधिकतर JX-BPCLIN-T जैसे आधिकारिक नाम से आता है और इसमें 6 अंकों का DAC दिया जाता है। इसके साथ ही उपभोक्ता को बुकिंग की जानकारी और सुरक्षा संबंधी निर्देश भी दिए जाते हैं।
Indane Gas का सिस्टम
Indane Gas की ओर से VK-INDANE या VM-INDANE जैसे नामों से संदेश भेजे जाते हैं। इसमें भी 6 अंकों का DAC कोड होता है, जिसका इस्तेमाल केवल डिलीवरी के समय किया जाता है।
कंपनियों की चेतावनी
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं से कहा है कि DAC एक व्यक्तिगत सुरक्षा कोड है और इसे किसी भी परिस्थिति में फोन पर, मैसेज में या ऑनलाइन किसी अनजान व्यक्ति को साझा न करें। यह कोड सिर्फ उस समय डिलीवरी बॉय को दिया जाना चाहिए जब सिलेंडर वास्तव में आपके घर पहुंच जाए।
