मायानगरी मुंबई की पहचान और यहां के आम आदमी की लाइफलाइन माना जाने वाला ‘वड़ा पाव’ और ‘पाव भाजी’ अब महंगे होने जा रहे हैं। मुंबई की बेकरियों ने ब्रेड और पाव की कीमतों में सीधे तौर पर बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले का सीधा असर मुंबईकरों की जेब और उनके सुबह-शाम के नाश्ते के बजट पर पड़ने वाला है।
मुंबई की स्थानीय बेकरियों द्वारा बढ़ाए गए दामों को अगर आसान शब्दों में समझें तो यह इजाफा काफी बड़ा है। अब तक जो एक पाव ग्राहकों को ₹3 में मिलता था उसकी कीमत अब बढ़कर ₹4 हो गई है। मुंबई में पाव अमूमन ‘लादी’ (12 पीस का पैकेट) के हिसाब से बिकता है। इस 12 पीस वाले पैकेट की कीमत में सीधे ₹10 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पाव मुंबई के दैनिक जीवन का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। मजदूर से लेकर कॉर्पोरेट कर्मचारी तक हर कोई कम खर्च में पेट भरने के लिए इस पर निर्भर रहता है। यदि मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में महीनेभर में औसतन 20 पैकेट (लादी) पाव की खपत होती है तो अब उस परिवार को हर महीने ₹200 का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा। रोज़मर्रा की चीज़ पर ₹10 का एकमुश्त बढ़ना आम आदमी की जेब को सीधा झटका देता है।
वड़ा पाव और पाव भाजी के शौकीनों की होगी जेब ढीली
इस महंगाई का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि बाहर का खाना पसंद करने वालों को भी झटका लगेगा। वड़ा पाव, पाव भाजी और कीमा पाव बेचने वाले छोटे और बड़े दुकानदारों को अब बेकरियों से पाव महंगा मिलेगा। जब दुकानदारों की लागत बढ़ेगी, तो वे घाटा सहने के बजाय इसकी भरपाई वड़ा पाव और पाव भाजी की प्लेट की कीमतें बढ़ाकर करेंगे। यानी आने वाले दिनों में आपकी पसंदीदा स्ट्रीट फूड प्लेट्स के दाम बढ़ना तय है।
